Scam by land and revenue department (Jharkhand)
दोस्तो आज मैं आपको बताने वाला हूँ कि पिछले दिनों मेरे साथ अंचल कार्यालय मे क्या हुआ।मैं २०२० मे १० डिस्मिल ज़मीन खरीदा था जिसका कागजात सभी सही थे और सारा कुछ ऑन लाइन था जो झारखंड राजस्व विभाग के वेब पोर्टल मे डाले हुए थे। तो मैंने ज़मीन खरीदा और फिर पोर्टल मे मुटेशन के लिए डाल दिया।
लगभग ३० दिन के बाद मेरे पास अंचल कर्मचारी का हमारे पास फोन आया कि सारे कागजात दिखाएँ। मैंने वो सारे कागजात पोर्टल मे पी डी एफ के तौर पर डाले हुए थे फिर भी उन्हें कागजात देखने थे। मैंने उनको कागजात दिया और वापस घर लौट आया। कुछ दिनों बाद मेरा मुटेशन रद्द हो गया। उसका कारण लिखा था कि BCCL द्वारा NOC प्राप्त नहीं है। मैंने नये रिक्वेस्ट भी डाले परंतु वो भी अन्य अन्य कारणों से रद्द होते गए। बाद मे मेरे बिचोलिये ने मुझे कहा कि मुझे ३५००० अंचल कार्यालय मे घूस के तौर पर देने होंगे। अब मेरे पास कोई चारा नहीं था क्यों कि मैंने तो प्रधानमंत्री तक को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी और की फायदा नही हुआ। यह बात पुरानी नही वल्कि २०२०-२०२१ की है। तब से मुझे लगा कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री चाहे कोई भी हो हमारे देश मे इमानदारी की सिर्फ बातें करते हैं। दोस्तों क्या आपको लगत है कि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री को इन भरस्टाचार की जानकारी नही होती? जब चुनाव का समय आये तो व्यापारियों के घर मे छापे पड़ते हैं परंतु भ्रस्टाचार करवाने वाले नेता मजे से रह रहे होते हैं। प्रजातंत्र मे नेता एक निरंकुश राजा की भाँति होता है। धनबाद मे भरस्टाचार रोकने के लिए बनाये गए ( एंटी करप्शन) अधिकारियों ने कितनो को अब तक पकड़ा है अगर नहीं तो मुफ्त की तंख्वाह ले रहे हैं। सरकार के पास आम लोगो को नौकरी देने के लिए कुछ नही परंतु मुफ्तखोरो के लिए बहुत कुछ है।
धन्यबाद, जय हिंद जय भारत।
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